Sponsored
Sponsored
Free Edition
Verified Content
मैं बेगुनाह हूँ
Overview
सत्येन्द्र पराशर मौजूदा राजनीति में व्याप्त धोखेबाजी, ठगी और भ्रष्टाचार को समाप्त कर के ईमानदारी और सदाचार का निजाम स्थापित करने के सपने देख रहा था । लेकिन फिर एक रात वह नशे की हालत में एक जवान लड़की की लाश के साथ पकड़ा गया । सारे सबूत उसके खिलाफ होने के बावजूद पराशर की एक ही रट थी - ‘मैं बेगुनाह हूं’ । लेकिन उसकी इस दुहाई पर किसी को विश्वास नहीं था - सिवाय सुनील के ।
36,114 currently reading
152,889 want to read
Sponsored
Sponsored
Book details & editions
| ISBN | 17571924 |
| Publisher | |
| Publication date | November 1984 |
| Language | Hindi |
| Pages | 303 pages |
Sponsored
Sponsored
Ratings & Reviews
5 ★
58%
4 ★
28%
3 ★
10%
2 ★
3%
1 ★
1%
4.12
BlueReads Choice
Sponsored
Write a Review
Community Reviews
Sort by: