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Upsanhar (Hindi Edition)
Overview
उपसंहार हिन्दी कहानी के सुपरिचित हस्ताक्षर प्रेमकुमार मणि ने अपनी प्रखर अन्तर्दृष्टि और विचारोत्तेजकता के कारण हिन्दी पाठकों को गहरे प्रभावित किया है। उनकी कहानियों में एक ओर जहाँ सामाजिक विषमताओं और रूढ़िवादिता के विरुद्ध प्रतिरोध के स्वर प्रबल हैं वहीं दूसरी ओर पात्रों की मानसिक एवं बौद्धिक बुनावट के विविध स्तरों की अचूक पहचान भी। बौद्धिक प्रखरता और गहरी संवेदनशीलता का विरल सामंजस्य उनकी कहानियों के शिल्प की विशिष्टता है जो उनकी कहानियों को ज्यादा पठनीय और आत्मीय बनाता है। मणि की कहानियों का यह संग्रह उनकी कहानियों के विकास का अगला पड़ाव है। इन कहानियों से गुजरते हुए आप उनके अनुभव संसार के नए गवाक्ष से रू-ब-रू होते हैं जो उन्हें पारम्परिक अर्थों में ग्रामीण, कस्बा&#
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Book details & editions
| ISBN | 36559297 |
| Publisher | |
| Publication date | March 2014 |
| Language | English |
| Pages | 242 pages |
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