Sponsored
Sponsored
Read Mahuacharit (Hindi Edition)
Free Edition
Verified Content

Mahuacharit (Hindi Edition)

3.88 • 94 ratings • 7 reviews
Overview
वरिष्ठ कथाकार काशीनाथ सिंह का उपन्यास ‘महुआचरित’ जीवन के अपार अरण्य में भटकती इच्छाओं का आख्यान है। मध्यवर्गीय समाज की सच्चाइयों को लेखक ने विशिष्ट कथा-रस के साथ प्रकट किया है। यह उपन्यास जिस शिल्प में अभिव्यक्त हुआ है वह क में एक नया प्रस्थान निर्मित करता है। छोटे-बड़े किंचित् असमाप्त अपूर्ण वाक्य संकेतों की ओर उन्मुख विवरण और बहुअर्थी बिम्ब इस रचना को महत्त्वपूर्ण बनाते हैं। महुआ की सहेली है उसके मन की छत जहाँ वह खुलती, खिलती और खेलती है। यह कल्पना ही अपने आपमें अनूठी और व्यंजक है। कहना न होगा कि ‘महुआचरित’ को ‘वृत्तान्त का अन्त’ करती कथा-रचना के रूप में रेखांकित किया जा सकता है। अस्सी साल के स्वतन्त्रता सेनानी पिता की पुत्री महुआ की देहासक्ति से विवाह तक की यात्रा और फिर उसमें जागता अस्मिता-बोध - इस कथा को लेखक ने समुचित सामाजिक सन्दर्भों के साथ प्रस्तुत किया है। स्त्री-विमर्श की अनुगूँज के बावजूद यह प्रश्न आकार लेता है, ‘ऐसा क्या है देह में कि उसका तो कुछ नहीं बिगड़ता/लेकिन मन का सारा रिश्ता-नाता तहस-नहस हो जाता है।’ सघन संवेदना और सर्वथा नवीन संरचना से समृद्ध ‘महुआचरित’ उपन्यास निश्चित रूप से पाठकों की आत्मीयता अर्जित करेगा।.
User Avatar User Avatar User Avatar
36,114 currently reading
User Avatar User Avatar User Avatar
152,889 want to read
Sponsored
Sponsored

Book details & editions

ISBN 51736725
Publisher
Publication date November 2026
Language Hindi
Pages 389 pages
Sponsored
Sponsored
About the Author
Kashinath Singh

Kashinath Singh

Follow
Known for writing in a clear, engaging, and easy-to-follow style. The work feels natural and flows smoothly, making it enjoyable from beginning to end.

Ratings & Reviews

5 ★
42%
4 ★
34%
3 ★
16%
2 ★
5%
1 ★
3%
3.88
BlueReads Choice
Sponsored

Write a Review

Community Reviews

Sort by:
Sponsored
Sponsored
Sponsored Content