Sponsored
Sponsored
Free Edition
Verified Content
Barsaat Ki Raat
Overview
** अचानक आई बारिश के साथ मिलने वाले दिल और खिलने वाले श्रृंगार की रोचक कहानी **
हम सब सभी की बारिश के साथ कुछ यादें जुडी होती है। खास कर अचानक आई पहली बारिश। जब हम उसके लिए तैयार नहीं होते और तभी अचानक धुँवाधार बारिश आ जाती है। इसी दौरान अनपेक्षित घटनायें घट जाती है। कुछ अच्छी, तो कुछ बुरी। मगर कुछ ऐसी चीजें घट जाती है जो जिंदगी भर याद रह जाती है।
ये कहानी है एक डॉक्टर की जो एक बरसात की रात मदद करता है एक अनजान लड़की की। दोनों के बिच आगे क्या होता है ये जानना बहोत ही रोचक है। बरसते बदल और कड़कती बिजली के साथ साथ खिलने वाला श्रृंगार आपकी प्रणय कल्पना की सिमा पार करेगा।
-----
"आनंद से और रहा नहीं गया। उठके वो बेडरूम की ओर चला गया। दरवाजा खुला था। उसने अंदर झांक कर देखा। रेश्मा पीठ के बल सो रही थी। कंबल निचे खिसका हुआ था। कमरे की मंद रोशनी में भी उसकी बड़ी छाती आँखों में भर रही थी।"
हम सब सभी की बारिश के साथ कुछ यादें जुडी होती है। खास कर अचानक आई पहली बारिश। जब हम उसके लिए तैयार नहीं होते और तभी अचानक धुँवाधार बारिश आ जाती है। इसी दौरान अनपेक्षित घटनायें घट जाती है। कुछ अच्छी, तो कुछ बुरी। मगर कुछ ऐसी चीजें घट जाती है जो जिंदगी भर याद रह जाती है।
ये कहानी है एक डॉक्टर की जो एक बरसात की रात मदद करता है एक अनजान लड़की की। दोनों के बिच आगे क्या होता है ये जानना बहोत ही रोचक है। बरसते बदल और कड़कती बिजली के साथ साथ खिलने वाला श्रृंगार आपकी प्रणय कल्पना की सिमा पार करेगा।
-----
"आनंद से और रहा नहीं गया। उठके वो बेडरूम की ओर चला गया। दरवाजा खुला था। उसने अंदर झांक कर देखा। रेश्मा पीठ के बल सो रही थी। कंबल निचे खिसका हुआ था। कमरे की मंद रोशनी में भी उसकी बड़ी छाती आँखों में भर रही थी।"
36,114 currently reading
152,889 want to read
Sponsored
Sponsored
Book details & editions
| ISBN | 54469008 |
| Publisher | |
| Publication date | November 2026 |
| Language | Hindi |
| Pages | 351 pages |
Sponsored
Sponsored
Ratings & Reviews
5 ★
30%
4 ★
30%
3 ★
25%
2 ★
10%
1 ★
5%
3.47
BlueReads Choice
Sponsored
Write a Review
Community Reviews
Sort by: